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What is Balance Sheet in Tally in Hindi

आज की इस पोस्ट मे हम पढेंगे की Balance Sheet क्या होती है तथा इसके बनाने का क्या उद्देश्य होता है आदि तो इसे जानने की लिए पूरी पोस्ट को ध्यान से पढ़े.

Balance Sheet क्या होती है

Balance Sheet जिसे हिंदी में आर्थिक चिट्ठा भी कहा जाता हैं। Balance Sheet के द्वारा हमें व्यापार की आर्थिक स्थिति के बारे में पता चलता है जैसे :- एक वित्तीय वर्ष की समाप्ति पर हमारे व्यापार में कितनी सम्पत्तियाँ, दायित्व, लेनदार व देनदार आदि है। 

What is Balance Sheet in Tally in Hindi


इसे हम और सरल भाषा मे यह भी कह सकते है की सभी व्यापारी साल के अंत में  लाभ – हानि खाता बनाने के बाद अपने व्यापार की वास्तविक आर्थिक स्थिति को जानना चाहते है की व्यापार मे कितनी पूँजी बची है, सम्पत्तिया कितनी है, किन व्यक्तियों से रुपया लेना है एवं किन व्यक्तियों को रुपया देना है, व्यापार मे कितना लोन लिया गया है बैंक बैलेंस क्या है आदि समस्त जानकारी प्राप्त करने के लिए व्यापारी एक निर्धारित तिथि को एक विवरण पत्र तैयार करता है और इसी विवरण पत्र को Balance Sheet कहा जाता हैं। 

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Balance Sheet बनाने के क्या लाभ होते है  

1. Balance Sheet से व्यापारी को व्यापार की सम्पूर्ण आर्थिक स्थिति का ज्ञान हो जाता है। 

2. इसके माध्यम से व्यापारी यह ज्ञात कर सकता है, की व्यापार पर अभी Loans कितना है। 

3. इसके माध्यम से व्यापारी को व्यापार में Cash की स्थिति की भी जानकारी हो जाती है। जैसे :- Cash में वृद्धि हो रहीं हैं या कमी। 

4. इसके माध्यम से व्यापारी को व्यापार में Closing Stock की जानकारी भी होती है। 

5. इसके माध्यम से य़ह भी आसानी से पता हो जाता है, की व्यापार में देनदारो और लेनदारों की क्या स्थिति है। 

6. Balance Sheet कंपनी की वर्तमान और संभावित वित्तीय स्थिति को भी दर्शाती है।

Balance Sheet 2 भागो में प्रदर्शित होती है इसके Left Hand Side में Liabilities होती है तथा Right Hand Side में Assets प्रदर्शित होती है. अब जानते है की Balance Sheet के Liabilities, Assets पक्ष में क्या-क्या Ledger show होते है।
What is Balance Sheet in Tally in Hindi
   
Balance Sheet के Liabilities पक्ष में शामिल होने वाले Ledgers 

Capital, Reserve & Sur-Plus, Loans, Current Liabilities, Sundry Creditor, Duties & Taxes, Bill Payable,Provisions etc

Balance Sheet के Assets पक्ष में शामिल होने वाले Ledgers

Fixed Assets 

(Land And Building,Vehicles,Plant And Machinery,Furniture And FixturesPatent,Trade Marks,Goodwill,

Current Assets 

(Cash,Bank, Balance,Debtors,Investments,Bills Receivable,Miscellaneous Expenditure,Closing Stock etc.

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Balance Sheet कब बनायी जाती है

Balance Sheet ज्यादातर वित्तीय वर्ष के अंत में बनाई जाती है। अंतिम खाते (Final Account) में सबसे पहले Trading Account  उसके बाद Profit and Loss Account बनाया जाता है तथा सबसे अंत में Balance Sheet बनाई जाती है।

जिस प्रकार Trading Account से हमे कंपनी के Gross Profit और Closing Stock का पता चलता है एवं Profit and Loss Account से Net Profit का ठीक उसी प्रकार Balance Sheet से हमे कंपनी की सम्पूर्ण आर्थिक स्थिति का पता चलता है।

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अंत में :-

आशा है की पूरी पोस्ट पढने के बाद आपको पता चल गया होगा की Balance Sheet क्या होती है और इसे बनाने के क्या लाभ है, अगर पोस्ट पसंद आई  हो तो शेयर /कमेंट्स जरूर  करे.  

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